फार्मासिस्ट की नौकरी से मालिकाना सोच तक – SOS जनहित मेडिकल का अगला कदम

मध्य प्रदेश. हेल्थकेयर सेक्टर में तेजी से उभर रहे SOS जनहित मेडिकल ने एक अनोखी पहल करते हुए अपने कुछ फार्मासिस्ट कर्मचारियों को रोजगार से आगे बढ़ाकर अपने ही ब्रांड नाम के साथ फार्मेसी व्यवसाय शुरू करने का अवसर प्रदान किया है। यह पहल केवल जॉब देने तक सीमित नहीं है, बल्कि कर्मचारियों में मालिकाना सोच विकसित करने की दिशा में एक ठोस कदम है। इस नई शुरुआत के तहत दानिश खान (स्टोर लोकेशन – धरमपुरी), सचिन गोयल (स्टोर लोकेशन – ठीकरी) और दीपक वर्मा (स्टोर लोकेशन – मनावर) को ब्रांड सपोर्ट, सप्लाई चेन, ट्रेनिंग और ऑपरेशनल गाइडेंस के साथ अपना स्टोर संचालित करने का अवसर दिया गया है। कंपनी का मानना है कि जब कर्मचारी को जिम्मेदारी और भरोसा मिलता है, तो वह सिर्फ काम नहीं करता, बल्कि अपने सपनों को साकार करने के लिए पूरी निष्ठा से आगे बढ़ता है।इन तीनों फार्मासिस्टों का सफर आसान नहीं रहा। दानिश खान ने सीमित संसाधनों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच अपनी पढ़ाई पूरी की और नौकरी के दौरान लगातार सीखते रहे। सचिन गोयल ने शुरुआती दिनों में आर्थिक चुनौतियों और अनिश्चित भविष्य का सामना किया, लेकिन परिवार के सहयोग और अपने धैर्य से आगे बढ़े। दीपक वर्मा ने भी छोटे शहर की परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए फार्मेसी क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई। इन सभी के परिवारों ने कठिन समय में उनका साथ दिया, जिससे आज वे कर्मचारी से उद्यमी बनने की दिशा में कदम रख पाए हैं। SOS जनहित मेडिकल का यह मॉडल उनके लिए आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक व्यवसाय का माध्यम बना है।कंपनी की इस पहल को सकारात्मक प्रतिसाद मिला है और अब तक 10 नए स्टोर इस मॉडल के तहत शुरू हो चुके हैं। SOS जनहित मेडिकल का लक्ष्य भविष्य में सैकड़ों स्टोर स्थापित करने का है, जिससे अधिक से अधिक फार्मासिस्टों को रोजगार के साथ उद्यमिता का अवसर मिल सके। यह मॉडल न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन कर रहा है, बल्कि किफायती और विश्वसनीय दवाइयों की उपलब्धता भी सुनिश्चित कर रहा है। फार्मासिस्ट की नौकरी से मालिकाना सोच तक का यह सफर, हेल्थकेयर रिटेल सेक्टर में एक नई दिशा के रूप में देखा जा रहा है।

फार्मासिस्ट की नौकरी से मालिकाना सोच तक – SOS जनहित मेडिकल का अगला कदम
फार्मासिस्ट की नौकरी से मालिकाना सोच तक – SOS जनहित मेडिकल का अगला कदम

मध्य प्रदेश. हेल्थकेयर सेक्टर में तेजी से उभर रहे SOS जनहित मेडिकल ने एक अनोखी पहल करते हुए अपने कुछ फार्मासिस्ट कर्मचारियों को रोजगार से आगे बढ़ाकर अपने ही ब्रांड नाम के साथ फार्मेसी व्यवसाय शुरू करने का अवसर प्रदान किया है। यह पहल केवल जॉब देने तक सीमित नहीं है, बल्कि कर्मचारियों में मालिकाना सोच विकसित करने की दिशा में एक ठोस कदम है। इस नई शुरुआत के तहत दानिश खान (स्टोर लोकेशन – धरमपुरी), सचिन गोयल (स्टोर लोकेशन – ठीकरी) और दीपक वर्मा (स्टोर लोकेशन – मनावर) को ब्रांड सपोर्ट, सप्लाई चेन, ट्रेनिंग और ऑपरेशनल गाइडेंस के साथ अपना स्टोर संचालित करने का अवसर दिया गया है। कंपनी का मानना है कि जब कर्मचारी को जिम्मेदारी और भरोसा मिलता है, तो वह सिर्फ काम नहीं करता, बल्कि अपने सपनों को साकार करने के लिए पूरी निष्ठा से आगे बढ़ता है।

इन तीनों फार्मासिस्टों का सफर आसान नहीं रहा। दानिश खान ने सीमित संसाधनों और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच अपनी पढ़ाई पूरी की और नौकरी के दौरान लगातार सीखते रहे। सचिन गोयल ने शुरुआती दिनों में आर्थिक चुनौतियों और अनिश्चित भविष्य का सामना किया, लेकिन परिवार के सहयोग और अपने धैर्य से आगे बढ़े। दीपक वर्मा ने भी छोटे शहर की परिस्थितियों में संघर्ष करते हुए फार्मेसी क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई। इन सभी के परिवारों ने कठिन समय में उनका साथ दिया, जिससे आज वे कर्मचारी से उद्यमी बनने की दिशा में कदम रख पाए हैं। SOS जनहित मेडिकल का यह मॉडल उनके लिए आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक व्यवसाय का माध्यम बना है।

कंपनी की इस पहल को सकारात्मक प्रतिसाद मिला है और अब तक 10 नए स्टोर इस मॉडल के तहत शुरू हो चुके हैं। SOS जनहित मेडिकल का लक्ष्य भविष्य में सैकड़ों स्टोर स्थापित करने का है, जिससे अधिक से अधिक फार्मासिस्टों को रोजगार के साथ उद्यमिता का अवसर मिल सके। यह मॉडल न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन कर रहा है, बल्कि किफायती और विश्वसनीय दवाइयों की उपलब्धता भी सुनिश्चित कर रहा है। फार्मासिस्ट की नौकरी से मालिकाना सोच तक का यह सफर, हेल्थकेयर रिटेल सेक्टर में एक नई दिशा के रूप में देखा जा रहा है।