चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने सशस्त्र बलों के परिजनों के लिए लॉन्च की ‘सीयू ऑनलाइन जय जवान’ डिफेंस स्कॉलरशिप
चंडीगढ़ चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (सीयू) ने 78वें सेना दिवस समारोह के अवसर पर ‘सीयू ऑनलाइन जय जवान स्कॉलरशिप’ लॉन्च की, जिसका उद्देश्यRead Now ►
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चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (सीयू) ने 78वें सेना दिवस समारोह के अवसर पर ‘सीयू ऑनलाइन जय जवान स्कॉलरशिप’ लॉन्च की, जिसका उद्देश्य भारतीय सेना और पैरामिलिट्री कर्मियों के पारिवारिक सदस्यों और बच्चों को वर्ल्ड क्लास ऑनलाइन उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस पहल के तहत वे ‘CU Online’ द्वारा प्रस्तुत 12 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट ऑनलाइन प्रोग्राम में प्रवेश लेकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अवसरों की नई ऊँचाइयों तक पहुँचकर उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकें।
‘चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ऑनलाइन जय जवान स्कॉलरशिप’ के लॉन्च के मौके पर मौजूद गणमान्य लोगों में एवीएवीएसएम, वीएसएम, लेफ्टिनेंट जनरल अजय चांदपुरिया,ऑफिसर कमांडिंग, वज्र कॉर्प्स, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (स्टूडेंट अफेयर्स और एडमिनिस्ट्रेशन) और मैनेजमेंट के प्रोफेसर ब्रिगेडियर (डॉ.) गगन दीप सिंह बाठ और डॉ. गुरप्रीत सिंह, डायरेक्टर, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी शामिल थे।
सीयू ऑनलाइन जय जवान स्कॉलरशिप योजना की जानकारी साझा करते हुए, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के सीनियर मैनेजिंग डायरेक्टर, दीप इंदर सिंह संधू ने कहा, “सेवारत, रिटायर्ड और शहीद सैनिकों के परिवार के सदस्य इस स्कॉलरशिप योजना का लाभ उठा सकते हैं, जिसमें भारतीय सेना, नौसेना, वायु सेना, इंडियन कोस्ट गार्ड सहित सभी केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल जिनमें सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, असम राइफल्स, एनएसजी, एसपीजी सहित अन्य अर्धसैनिक बल शामिल हैं।”
उन्होंने कहा कि इस समय चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में नेशनल कैडेट कॉर्प्स (एनसीसी) यूनिट के सेना,नौसेना और वायुसेना के तीनों विंग में कुल 373 कैडेट है जिनमें से 40% लड़कियां हैं। यही नहीं अब तक 43 कैडेट अधिकारी के रूप में भारतीय सेना,भारतीय नौसेना और भारतीय वायु सेना में देशसेवा कर रहे हैं।
“यह स्कॉलरशिप सीयू ऑनलाइन द्वारा प्रदान किए जा रहे सभी 12 ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम पर लागू है, जिसमें बीबीए, बीसीए, एमबीए (जनरल), एमबीए (बिजनेस एनालिटिक्स), एमसीए, बीए जेएमसी, बीबीए बीए, एमएससी डेटा साइंस, एमए इंग्लिश, एमए इकोनॉमिक्स, एमएससी मैथ्स एवं एमए जेएमसी शामिल हैं। ‘CU ऑनलाइन जय जवान स्कॉलरशिप’ का लाभ उठाने के लिए, आवेदकों को सीयू ऑनलाइन के वेब पोर्टल (www.onlinecu.in) पर जाकर एक ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम चुनना होगा, माता-पिता की सर्विस का प्रूफ अपलोड करना होगा और स्कॉलरशिप सेक्शन के तहत ‘डिफेंस सर्विस–जय जवान’ चुनना होगा। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की यह पहल दुनिया की बेहतरीन ऑनलाइन शिक्षा तक पहुंच प्रदान करके मिलिट्री परिवारों को सशक्त बनाने की दिशा में एक कदम है। यह न केवल डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देगा बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगा कि किसी भी सैनिक का बच्चा वित्तीय कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे।“
“युद्ध, इच्छाशक्ति और बुद्धिमत्ता: रणनीतिक अनिश्चितता के दौर में भारत की उभरती सैन्य सोच” विषय पर एक सेशन के दौरान अपने भाषण में मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल अजय चांदपुरिया, एवीएसएम, वीएसएम, जनरल ऑफिसर कमांडिंग, वज्र कॉर्प्स ने कहा, “भारत ने ऑपरेशन सिंदूर से पहलगाम आतंकी हमले का पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देते हुए यह स्पष्ट सन्देश दिया कि आतंकवाद अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जो भी आतंकवादियों की मदद करेगा, उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।”
उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर स्पष्ट सन्देश था कि अगर पहलगाम जैसे आतंकी हमले नहीं रुके, तो घर में घुसकर मारेंगे। लेकिन हर कोई पूछ रहा है कि हमने 10 मई (2025) को (ऑपरेशन सिंदूर) क्यों रोक दिया? हमने पाकिस्तान को पूरी तरह से समाप्त क्यों नहीं किया? ऑपरेशन सिंदूर के बाद पश्चिमीदेश भारत के खिलाफ हो गए थे। अमेरिका की सोच थी कि वह दुनिया का अग्रणी है, लेकिन हमने ऑपरेशन शुरू करने के लिए उनसे इजाज़त नहीं ली या ऑपरेशन सिंदूर के लिए उन्हें साथ नहीं लिया। हमने स्वयं फैसला किया और कार्रवाई की। कार्रवाई करने के बाद हमने उन्हें बताया। इसलिए वे बहुत नाराज़ थे। उन्होंने सोचा कि आप (भारत) ऐसा कैसे कर सकते हैं? उन्होंने स्पष्ट किया कि सिंदूर ऑपरेशन एक सोचा-समझा रणनीतिक कदम था, जिसे उद्देश्य पूरा होने पर रोका गया, न कि किसी दबाव में। यह आतंकवाद के खिलाफ भारतीय इतिहास का सबसे बड़ा और सबसे सफल ऑपरेशन था।“
उन्होंने आगे कहा,“आपकी भावनाओं पर आपका नियंत्रण आपकी प्रतिक्रिया की गति से कहीं ज़्यादा महत्वपूर्ण है। उरी हमले के जवाब में, हमने सीमा पार सर्जिकल स्ट्राइक की। पुलवामा हमले के बाद, हमने वायु सेना द्वारा बालाकोट में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया। पहलगाम हमले के बाद, हमने पाकिस्तान के 300-400 किलोमीटर अंदर नौ ठिकानों पर हमला किया। यह सब ‘अनुपात’ और बुद्धिमत्ता से किया। कारगिल संघर्ष के दौरान भारत ने नियंत्रण रेखा पार क्यों नहीं की? हमने 10 मई को (ऑपरेशन सिंदूर) क्यों रोक दिया? इसके पीछे गहरे कारण थे। वित्तीय वर्ष अप्रैल में शुरू होता है, और खेतों में फसलें खड़ी थीं। उस समय युद्ध हमारी इकॉनमी को 20 साल पीछे धकेल सकता था। 2047 तक एक विकसित देश बनाने के लिए, हमें लगातार आर्थिक विकास की ज़रूरत है। पाकिस्तान के साथ पूरी तरह से युद्ध इस सपने को तोड़ सकता था। हमने अमेरिका जैसे देश से इजाज़त नहीं ली। हमने स्वयं आगे बढ़ने या रुकने का फैसला किया।“
इस अवसर पर, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में भारतीय सेना के जवानों द्वारा लगाई गई हथियारों की प्रदर्शनी छात्रों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। प्रदर्शनी में अपग्रेडेड बीएफएसआर टीआई कैमरा, 81 एमएम मोर्टार, एटीजीएम यूनिफाइड लांचर, गन मशीन 7.52 एमएम, एमएजी 58, ऑटोमेटिक ग्रेनेड लांचर-17, 7.62 ड्रैगुनोवा स्नाइपर राइफल, 338 साको टीआरजी 42 स्नाइपर राइफल, 7.62 एमएम नेगेव एलएमजी, 7.62 एमएम एसआईजी राइफल, 7.62 एमएम एके-203 राइफल, 5.56 एमएम इंसास राइफल, 40 एमएम मल्टी ग्रेनेड लांचर, 51 एमएम मोर्टार, लोकेट स्नाइपर, वीआर रॉकेट लांचर, 3-डी एनिमेशन हथियार मॉडल, बम निरोधक दस्ते के कवच व अन्य उपकरण प्रदर्शित किए गए। इस अवसर पर जवानों ने छात्रों को हथियारों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी भी प्रदान की।
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के बारे में
चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी एक NAAC A+ ग्रेड और क्यूएस वर्ल्ड (QS World) रैंक धारक यूनिवर्सिटी है। यूजीसी द्वारा मान्य यह स्वायत्त शैक्षणिक संस्थान पंजाब राज्य में चंडीगढ़ के पास स्थित है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी भारत की सबसे यंगेस्ट तथा पंजाब की एकमात्र प्राइवेट यूनिवर्सिटी है, जिसे NAAC (राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद) द्वारा A+ ग्रेड से सम्मानित किया गया है। यूनिवर्सिटी विभिन्न क्षेत्रों में 109 से अधिक अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम प्रदान करती है, जिनमें इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी, लॉ, आर्किटेक्चर, जर्नालिज्म, एनीमेशन, होटल मैनेजमेंट, और कॉमर्स शामिल हैं। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने सर्वश्रेष्ठ प्लेसमेंट रिकॉर्ड बना कर वर्ल्ड कंसल्टिंग एंड रिसर्च कारपोरेशन (डब्ल्यूसीआरसी) द्वारा पुरस्कारित ”यूनिवर्सिटी विद बेस्ट प्लेसमेंट” अवार्ड को भी अपने नाम किया है।
अधिक जानकारी के लिए, कृपया देखें: www.cuchd.in.